भारत की जल सेना में शामिल होने जा रहे हैं खतरनाक जंगी जहाज, अब चीन-पाकिस्तान की खैर नही

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भारत देश की सेनाएं आज उतनी मजबूत और ताकतवर नही हैं जितना उनको आजादी के बाद से हो जाना चाहिए था. भारत की सेनाओं को मजबूत करने सरकार नें कभी काम ही नही किया था. भारत की सेना में अगर जल सेना की तुलना चीन की जल सेना के साथ तुलना की जाए तो भारत की जंगी जहाज उनसे कमजोर और बहुत पीछे है, और तो और भारत के पास आज पर्याप्त मात्रा में पनडुब्बी और खतरनाक जंगी जहाज भी नही हैं जिनकी मदद से वो समुंदर में गश्त करती रहें. जब से 2014 में भाजपा की मोदी सरकार सत्ता में आई है तबसे सरकार ने सबसे ज्यादा महत्व भारतीय सेनाओं को मजबूत करने को दिया है. जिसकी वजह से भारत की सेनाएं मजबूत हों और सेनाएं भारत की सीमाओं को सुरक्षित रख सकें.

भाजपा की मोदी सरकार नें 3000 करोड़ रुपये की सैन्य खरीद को मंजूरी दे दी है इस राशी से सेनाओं के लिए बहुत से आधुनिक रक्षा उपकरण खरीदे जाएंगे.

भारत ने रूस से करीब 1 बिलियन डॉलर के दो जंगी जहाज खरीदने को लेकर डील पक्की की है. ये दोनों जहाज इंडियन नेवी में 2022-23 तक शामिल हो जाएंगे. ये समुंदरी जंगी जहाज स्टेल्थ हैं, स्टेल्थ का मतलब से दुश्मन की सेनाओं को रडार पर नजर नही आएगा और तेजी से हमला करेगा. ये जहाज ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल से लैस होगा जो पलक झपकते ही पनडुब्बी, हवाई जहाजों या समुंदरी बेड़ों को खत्म कर देगा.

जंगी जहाज

इसके इलावा थल सेना के लिए भारत में निर्मित अर्जुन टैंक की रिकवरी के लिए बख्तरबंद गाड़ियों की खरीद में करीब 1000 करोड़ रुपये लगाए जाएंगे, ये बख्तरबंद गाड़ियों विकसित किया है “डीआरडीओ’ ने और इसका निर्माण भारत की ही कम्पनी बीईएमएल करेगी.

जंगी जहाज

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