मोदी के जापान दौरे से भारत को कितना फायदा?

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मोदी के जापान

२९ अक्टूबर २०१८ को जापान दौरे पर गए भारत के प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी । मोदी का यह दौरा भारत – जापान एेनूअल सबमिट् तथा कुछ अन्य समझौतो के उपर था । यह ऐनूअल सबमिट् प्रतेक साल होता है। कभी भारत तो कभी जापान में यह सबमिट् किया जाता है। मोदी कि यह बारवीं मुलाकात है जापान के प्रधान मंत्री शिंजो आबे के साथ ।

कितनी फायदेमंद रहेगी हमारे देश के लिए ये मुलाकात….?

जैसा कि हम सब जानते है कि जापान एक विकसीत तथा बहौत बड़ी स्रोत है फॉरेन ट्रेड इन्वेस्टमेंट का हमारे देश के लिए। साथ ही साथ हमे यह भी मालूम होता है कि भारत में तिसरी सबसे बड़ी विदेशी इन्वेस्टर जापान है । मुंम्बई – अहमदाबाद हाई स्पीड रेल सर्विस के लिए जापान, भारत में निवेस करेगा । जिस्से भारत को भविष्य में काभी लाभ होने के संभावनाएं है।

 क्या काहा मोदी ने इस दौरे के बाद ?

मोदी का कहना है कि जापान से बहौत सारी फ.डि.आई. आने वाली हैं । इसके साथ ही २.५ बिलियन यू.एस डौलर का निवेस जापानीज निवेसको द्वारा भारत में किया जाएगा । एक तरफ जाहा चीन ने एन.एस.जी.(न्यूक्लियर सप्लायर ग्रुप) में भारत को सामिल करने से रोक लगा रखी हैं । वही जापान का कहना है कि भारत को एन.एस.जी का भाग बनाने में उनका पुरा समर्थन है।

क्या है सबसे बड़ी साझेदारी ?

मोदी के जापान दौरे के बाद सबसे बड़ी साझेदारी सामने आई है जो है “मुद्रा विनिमय समझौता” । इस समझौते के तहत जापान , भारत को ७५ बिलियन डौलर से मदद कर रहा है । माना जा राहा है कि यह दुनिया का सबसे बड़ा समझौता है। इस से पहले भी जापान ने चीन के साथ कुछ दिनो पहले ऐसा ही एक समझौता किया था लेकिन वह समझौता भारत से कि गई समझौते कि आधी राशि ३० बिलियन डौलर कि थी । इस से यह तो साफ होता है कि भारत और जापान के रिश्ते में बढावा होगा । दुसरा फायदा यह भी है कि कुछ हद्द तक भारत के रूपय को स्थिर करेगा । अंततः इसी प्रकार दोनो देशो के प्रधान मंत्रीयों ने कई समझौतो पर एकमत होकर हस्ताक्षर किए।

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